Find the Latest Status about ghazal 2014 from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos about, ghazal 2014.
Angeeta Kalita
White Koi apke nazar Dale Toh hum kaise sahe Koi apko Nazar bhar dekhe Toh hum us baat ko kaise Mane Koi apke shayari kare Toh hum un baato ko kaise bhule Ap humare hai Toh humra haq kisi or k sath Kyu hum batte ©Angeeta Kalita #GoodMorning 01.02 12nov 2014
#GoodMorning 01.02 12nov 2014
read moreAngeeta Kalita
White Koi puche toh kahe Hum bhi haal apna Koi samjhe toh Jaataye dard apna Koi toh kandha de Toh ro le hum bhi ji bhar ke Par yaha sunne wala koi kaha Jo mile woh kahe Khushi toh lagte ho tum Sabkoi toh hai sath tere Kitni akle hu kisse kahu Jo kuch kahne aata Woh bhi kehke hi jaate Sunne wala kaha se dhundhu ©Angeeta Kalita #good_night 00.57 12nov 2014
#good_night 00.57 12nov 2014
read moreAnand Anand dhanu
White gxgixgixgixgoxgoxgixgozgi ©Anand Anand dhanu #life_quotes #ghazal
Nitish Tiwary
White अपनी हसरतों पर लगाम लगाने हमें नहीं आता, उसकी मोहब्बतों का कलाम सुनाने हमें नहीं आता। कश्ती अगर साथ छोड़ दे जिसका बीच भँवर में, ऐसे समंदर को सलाम करने हमें नहीं आता। जलते हुए खूबसूरत चिराग को बुझाने हमें नहीं आता, किसी के घर की रौशनी को मिटाने हमें नहीं आता। पर्दे के पीछे यूँ सियासत करने हमें नहीं आता, चुपके से महबूबा का घूँघट उठाने हमें नहीं आता। पैमाने के ज़ाम को आधा छोड़ देना हमें नहीं आता, मयखाने में यूँ अकेले महफ़िल जमाना हमें नहीं आता। देखिए ना, सफ़र में कितनी धूप है, छाँव का नामो निशान नहीं, बिना काँटों के मंज़िल तक पहुँचना हमें नहीं आता। ©Nitish Tiwary #sad_qoute #ghazal
Rajneesh Kumar
मैकशी सोलह बरस की हो गई है ज़िंदगी यूँ ही गुज़ारी आ भी जाओ जिस हवेली पर बहारें मेहरबाँ थीं ढह गई सारी की सारी आ भी जाओ धुन सुनाओ बांसुरी की ए मुरारी चार सू है मारा मारी आ भी जाओ ©Rajneesh Kumar #ghazal se
#ghazal se
read more"सीमा"अमन सिंह
White ग़ज़ल: बनारस, प्रेम और मणिकर्णिका बनारस की गली में वो मिला था, नज़र में इक समुंदर सा खिला था। वो बातें कर रहा था ज़िन्दगी की, मगर मणिकर्णिका पे सब लिखा था। हवा में थी ख़ुशबू रूहानी उसकी, जहाँ मैं था, वहीं वो भी सिला था। गंगा के किनारे बैठते हम, वो दिल में और दिल में बनारस बसा था। मरण का भी वहाँ भय कैसा होता, जब उसकी आँखों में पूरा ब्रह्मांड था। ©"सीमा"अमन सिंह #banarasi_Chhora #ghazal
SHIVA KANT(Shayar)
White तेरे गुलाबी गालों पे,कोई खूबसूरत ग़ज़ल लिख दूँ..! साथ गुज़रे जो सुनहरे पल,उन्हें हसीं कल लिख दूँ..! ©SHIVA KANT(Shayar) #GoodMorning #ghazal